ISRO NVS-03 Mission: NavIC के लिए नया Satellite क्यों अहम है?

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ISRO NVS-03 NavIC satellite launch editorial illustration

ISRO ने 28 अक्टूबर 2026 को GSLV-F18 के जरिए NVS-03 उपग्रह को सफलतापूर्वक निर्धारित Geosynchronous Transfer Orbit में पहुंचाया। यह जानकारी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की आधिकारिक मिशन घोषणा में दी गई है।

NVS-03 का उद्देश्य

यह अगली पीढ़ी की भारतीय navigation satellite प्रणाली का तीसरा उपग्रह है, जिसे IRNSS/NavIC की सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने के लिए तैयार किया गया है।

कौन-सी तकनीक शामिल है?

उपग्रह में स्वदेशी atomic clock के साथ अन्य atomic clocks शामिल हैं। यह मौजूदा L5 और S signals के अलावा L1 signal भी उपलब्ध कराता है।

कितना कवरेज मिलेगा?

ISRO के अनुसार कवरेज भारतीय भूभाग और देश की राजनीतिक सीमा के आसपास 1,500 किलोमीटर तक के क्षेत्र के लिए निर्धारित है। यह सिस्टम कवरेज का विवरण है; हर स्मार्टफोन में NavIC उपलब्ध होने की गारंटी नहीं है।

मिशन क्यों महत्वपूर्ण है?

Navigation satellites लोकेशन, समय और कई सेवाओं के लिए उपयोगी हैं। सफल प्रक्षेपण महत्वपूर्ण पड़ाव है, हालांकि उपग्रह को निर्धारित transfer orbit में पहुंचाना और सभी navigation सेवाओं का operational होना अलग चरण हैं।

आधिकारिक स्रोत: ISRO GSLV-F18/NVS-03 Mission

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